परिचय - नवीन सी चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

नयी रुत के मसाले बस वहीं हैं

 नयी रुत के मसाले बस वहीं हैं
जहाँ तुम हो रुदाले बस वहीं हैं
 
तुम्हें सूरज भला कैसे कहें हम
जहाँ तुम हो उजाले बस वहीं हैं 

हमारी ओर भी सरकाओ साहब
जहाँ तुम हो पियाले बस वहीं हैं
 
हमारी आबरू की कौन सोचे
जहाँ तुम हो दुशाले बस वहीं हैं
 
प्रजा की खाल खींची जा रही है
जहाँ तुम हो जियाले बस वहीं हैं
 
तुम्हारी अब यही पहिचान है बस
जहाँ तुम हो घोटाले बस वहीं हैं

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