परिचय - नवीन सी चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

मरमरी बाँहों पे इस ख़ातिर फ़िदा रहता हूँ मैं

मरमरी बाँहों पे इस ख़ातिर फ़िदा रहता हूँ मैं ।
इन के घेरे में गुलाबों सा खिला रहता हूँ मैं ।।

कुछ करूँ ऐसा कि तुझको खोलने पड़ जाएँ लब । 
बस इसी हसरत से तुझको छेड़ता रहता हूँ मैं ।।  

चहचहाते थे लड़कपन में परिन्दों की तरह


चहचहाते थे लड़कपन में परिन्दों की तरह । 

आजकल राम रटा करते हैं तोतों की तरह ।।

 

अब तो मुश्किल से नज़र भर के कोई तकता है ।

बस टँगे रहते हैं हम चाँद-सितारों की तरह ।।

खाली-पीली वबाल क्या करना


खाली-पीली वबाल क्या करना । 

आओ सीखें मुक़ाबिला करना ।।

 

जिनकी बुनियाद ही मुहब्बत हो ।

उनके हक़ में सदा दुआ करना ।।