कहा था तुमने गये साल भी दिसम्बर में
हमें दिखाओगे चेहरा गुलाबी
चूनर में
बस एक तुम हो जिसे वक़्त ही
नहीं मिलता
वगरना दर्ज़ हैं संडे कई कैलेंडर में
वगरना दर्ज़ हैं संडे कई कैलेंडर में
कि जैसे करने हों बस दस्तख़त रजिस्टर में
रखेंगे हम तो तुम्हें अपने दिल के लॉकर में
हम इश्तहार छपा देंगे न्यूज़-पेपर में
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