परिचय - नवीन सी चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

तमाम ख़ुश्क दयारों को आब देता था


तमाम ख़ुश्क दयारों को आब देता था।
हमारा दिल भी कभी आसमान जैसा था॥

अजीब लगती है मेहनत-कशों की बद-हाली।
यहाँ तलक तो मुक़द्दर को हार जाना था॥

काम आना हो तभी काम नहीं आते हैं


काम आना हो तभी काम नहीं आते हैं।
धूप के पाँव दिसम्बर में उखड़ जाते हैं॥

धूल-मिट्टी की तरह हम भी कोई ख़ास नहीं।
बस, हवा-पानी की सुहबत में सँवर जाते हैं॥