संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी
· नाम – नवीन सी. चतुर्वेदी
· पिताजी – श्री छोटुभाई बिहारी श्रीजी चतुर्वेदी
· माताजी – श्रीमती पुष्पादेवी
· जीवन संगिनी – श्रीमती रेखा
· जन्म - २७ अक्तूबर १९६८ को मथुरास्थ माथुर चतुर्वेद परिवार में
(शासकीय जन्मतिथि १ जनवरी १९६९)
· जन्म स्थान – मथुरा (उत्तर प्रदेश)
· शिक्षा- वाणिज्य स्नातक
· कार्यक्षेत्र - मुम्बई में Security-Safety-IT Equipments के व्यवसाय में संलग्न www.vensys.in
· साहित्यिक गतिविधियाँ –
1. ब्रजभाषा, हिन्दी, उर्दू, गुजराती, एवं मराठी इन पाँच भाषाओं में ग़ज़ल सृजन
2. ब्रजभाषा में गजलों का शुभारम्भ किया तथा अन्य शायरों / शायराओं को इस विधा से जोड़ा । वर्तमान में लगभग 50 व्यक्ति ब्रजभाषा में गजलें कह रहे हैं।
3. अन्तरजाल के माध्यम से पिंगलीय छन्दों एवम् ग़ज़लों से सम्बन्धित अर्जितोपार्जित ज्ञान पर कार्यशालाओं का आयोजन
4. देशभर में अनेक मंचों से काव्यपाठ
5. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन एवम् अन्तर्जालीय उपस्थितियाँ
6. औडियो / वीडियो अल्बम्स के लिए लेखन
7. प्रकाशित पुस्तकें –
a. “पुखराज हबा में उड़ रए एँ” (सर्वप्रथम ब्रजगजल संग्रह) – 2015
b. “ब्रजगजल संग्रह” (निज एवं अन्य 12 इस प्रकार कुल 13 व्यक्तियों की ब्रजगजलों का साझा संकलन )2018
c. “मोरछल” (एकल स्तर पर द्वितीय और सर्वकालिक स्तर पर तृतीय ब्रज गजल संग्रह) – 2020
d. “धानी चुनर” (रसीली एवं व्यंजनात्मक हिन्दीगजलों का संग्रह) – 2022
e. “विहान” (रसीली एवं व्यंजनात्मक हिन्दीगजलों का संग्रह) – 2025
f. “ब्रजभाषा के प्रतिनिधि गजलकार” नामक साझा संग्रह - 2025
8. सम्मान / पुरस्कार –
a. 2020 में प्रकाशित ब्रजगजल संग्रह ‘मोरछल’ के लिए उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा बाबु जगन्नाथ दास रत्नाकर पुरस्कार (ब्रजभाषा कोटि में प्रथम पुरस्कार)
b. हिन्दी पुस्तकालय समिति डीग (राजस्थान) द्वारा ब्रजभाषा में गजलों के शुभारम्भ के लिए सम्मान . अब समिति द्वारा प्रति वर्ष होने वाली प्रतियोगिताओं में ब्रजगजलों के लिए एक भिन्न श्रेणी नियत कर दी गयी है और इस श्रेणी के विजेता को नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है ।
c. साहित्य सम्मलेन नाथद्वारा द्वारा ब्रजभाषा में नयी विधा ब्रज गजल का शुभारम्भ करने एवं अन्य व्यक्तियों को भी इस प्रकल्प में जोड़ने के लिए सम्मान। यह संस्था भी ब्रजभाषा की गजलों के लिए वार्षिक पुरस्कार प्रदान कर रही है।
d. इंशाद द्वारा विविध भाषाओं में ग़ज़ल सृजन हेतु ‘फ़रोग़-ए-इंशाद’ सम्मान
e. उपरोक्त चार पुरस्कार / सम्मान सम्प्रति उल्लेखनीय हैं
9. हिन्दुस्तानी साहित्य सेवार्थ “कविता कोष” एवं "साहित्यम" सहित अनेक वेब पोर्टल्स के सम्पादकीय-मण्डलों में प्रतिनिधित्व
· जन्म स्थान – मथुरा (उत्तर प्रदेश)
· शिक्षा- वाणिज्य स्नातक
· कार्यक्षेत्र - मुम्बई में Security-Safety-IT Equipments के व्यवसाय में संलग्न www.vensys.in
· साहित्यिक गतिविधियाँ –
2. ब्रजभाषा में गजलों का शुभारम्भ किया तथा अन्य शायरों / शायराओं को इस विधा से जोड़ा । वर्तमान में लगभग 50 व्यक्ति ब्रजभाषा में गजलें कह रहे हैं।
3. अन्तरजाल के माध्यम से पिंगलीय छन्दों एवम् ग़ज़लों से सम्बन्धित अर्जितोपार्जित ज्ञान पर कार्यशालाओं का आयोजन
4. देशभर में अनेक मंचों से काव्यपाठ
5. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन एवम् अन्तर्जालीय उपस्थितियाँ
6. औडियो / वीडियो अल्बम्स के लिए लेखन
7. प्रकाशित पुस्तकें –
b. “ब्रजगजल संग्रह” (निज एवं अन्य 12 इस प्रकार कुल 13 व्यक्तियों की ब्रजगजलों का साझा संकलन )2018
c. “मोरछल” (एकल स्तर पर द्वितीय और सर्वकालिक स्तर पर तृतीय ब्रज गजल संग्रह) – 2020
d. “धानी चुनर” (रसीली एवं व्यंजनात्मक हिन्दीगजलों का संग्रह) – 2022
e. “विहान” (रसीली एवं व्यंजनात्मक हिन्दीगजलों का संग्रह) – 2025
f. “ब्रजभाषा के प्रतिनिधि गजलकार” नामक साझा संग्रह - 2025
8. सम्मान / पुरस्कार –
b. हिन्दी पुस्तकालय समिति डीग (राजस्थान) द्वारा ब्रजभाषा में गजलों के शुभारम्भ के लिए सम्मान . अब समिति द्वारा प्रति वर्ष होने वाली प्रतियोगिताओं में ब्रजगजलों के लिए एक भिन्न श्रेणी नियत कर दी गयी है और इस श्रेणी के विजेता को नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है ।
c. साहित्य सम्मलेन नाथद्वारा द्वारा ब्रजभाषा में नयी विधा ब्रज गजल का शुभारम्भ करने एवं अन्य व्यक्तियों को भी इस प्रकल्प में जोड़ने के लिए सम्मान। यह संस्था भी ब्रजभाषा की गजलों के लिए वार्षिक पुरस्कार प्रदान कर रही है।
d. इंशाद द्वारा विविध भाषाओं में ग़ज़ल सृजन हेतु ‘फ़रोग़-ए-इंशाद’ सम्मान
e. उपरोक्त चार पुरस्कार / सम्मान सम्प्रति उल्लेखनीय हैं
9. हिन्दुस्तानी साहित्य सेवार्थ “कविता कोष” एवं "साहित्यम" सहित अनेक वेब पोर्टल्स के सम्पादकीय-मण्डलों में प्रतिनिधित्व

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