परिचय - नवीन सी चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

दिलों को जोड़ने वाले अगर हैं भी तो कितने हैं

 दिलों को जोड़ने वाले अगर हैं भी तो कितने हैं
मुहब्बत के हसीं क़िस्से अगर हैं भी तो कितने हैं
 
ज़ुरूरत आन पड़ती है तभी मालूम चलता है
हमारे हाथ में हीरे अगर हैं भी तो कितने हैं

 नजूमी तू अगर बतला सके तो हमको ये बतला
हमारे हाथ में लमहे अगर हैं भी तो कितने हैं
 
हमारी हसरतों का और इक बिखराव मुमकिन है
हमारे संग दीवाने अगर हैं भी तो कितने हैं
 
ख़मोशी ने सुकूँ बख़्शा मगर गुमनामियाँ भी दीं
हमारे नाम अफ़साने अगर हैं भी तो कितने हैं
 
नगर की हर डगर यों तो इसी के गीत गाती है
मुक़द्दर में मगर मौक़े अगर हैं भी तो कितने हैं
 
कोई बिरला फ़साना ही दिलों पर राज करता है
किसी पर शेर या मिसरे अगर हैं भी तो कितने हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें