दिखे न भीड़ यहाँ तो करो मलाल नहीं
मुहब्बतों का सफ़र है ये
भेड़चाल नहीं
दो चार पाँच क़दम का सफ़र नहीं
है यह
सनम उसी को मिला जो हुआ निढाल नहीं
सनम उसी को मिला जो हुआ निढाल नहीं
उसी से बोल रहा जिससे बोलचाल नहीं
वही कि जिसकी कोई करता देखभाल नहीं
मेरी हयात कोई दूध का उबाल नहीं
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