परिचय - नवीन सी चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

ख़ुश्क सहराओं की तक़दीर बदल आते हैं

आप साथ आएँ तो कुछ दूर टहल आते हैं
ख़ुश्क सहराओं की तक़दीर बदल आते हैं
 
क्या किया जाय मुक़द्दर में लिखी है कुटिया
यों तो अपने भी ख़यालों में महल आते हैं 

 सारा दिन सुस्त पड़ी रहती है ग़म की हिरनी
शाम ढलते ही मगर पंख निकल आते हैं
 
आप के जाते ही ग़म आ के पसर जाता है
दिल की दीवार से छज्जे भी निकल आते हैं
 
सुनते हैं आप के सीने से लगे रहते हैं ग़म
हम भी जाते हैं किसी सोज़ में ढल आते हैं
 
बर्फ़ की तर्ह उदासी ने जमा डाला है
आइये जश्न में चलते हैं पिघल आते हैं
 
हम को बस आप से मिलने ही वहाँ आना है
आप अगर आज हैं मसरूफ़ तो कल आते हैं 

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